Causes for Late Marriage: Venus

जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह की भूमिका अहम होती है। इसे शांत एवं गंभीर ग्रह माना जाता है। इसकी भूमिका अन्य ग्रहों से बिल्कुल अलग होती है। यह कुंडली में सातवें भाव का स्वामी होता है और खासकर विवाह संबंधों में इसकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। यदि किसी जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह उत्तम स्थिति या सहयोगी भूमिका में न हो, तो जातक के विवाह संबंधी कार्यों में बाधा आती है। ज्योतिष शास्त्र में तो यह तक कहा जाता है कि जब तक शुक्र ग्रह मजबूत स्थान में न हो, जातक की शादी हो ही नहीं सकती। प्रेम संबंधों में भी इस ग्रह की भूमिका होती है। इस ग्रह का रत्न हीरा माना जाता है और सफेद वस्तुओं के दान से ही इसे मजबूत बनाया जा सकता है। अगर कुंडली में यह ग्रह खराब स्थिति में हो, तो शुक्रवार के दिन सफेद रंग की चीज गाय को खिलाएं और चावल, दही, दूध जैसी वस्तुओं का दान करें। यह क्रूर ग्रह नहीं है, इसलिए यह ग्रह हर जातक के लिए अच्छा ही सोचता है। बुरा करने में इस ग्रह का विश्वास नहीं होता। अगर जातक पर इस ग्रह की कृपा हो जाए, तो जातक को ऐश्वर्य भी मिलता है।

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