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देवी कालिका की पुजा


शक्ति की उपासना करने वाले सभी उपासक इनकी विशेष पूजा करते हैं। मां दुर्गा के सभी रूपों में सबसे भयानक रूप मां कालरात्रि का माना जाता है। इनका सांवला रंग, खुले हुए बाल और गले में धारण की हुई चमकदार माला भक्तों को यह विश्वास दिला देते हैं कि ये धरती से सारे पापियों का चुटकियों में नाश कर देंगी और उन्हें मार्ग में आने वाली सारी विपत्तियों पर विजय मिलेगी। इनकी तीन आंखें हैं और इनका वाहन गधा है। इनकी नासिका से अग्नि की ज्वाला निकलती है, जो राक्षसों और पापियों को जलाकर भस्म कर देती है। मां के इस स्वरूप में इनके चार हाथ हैं, जिनमें ऊपर उठे हुए दाहिने हाथ की वर मुद्रा में मां सभी को आशीर्वाद देती हैं। दाहिनी ओर का नीचे का हाथ अभय मुद्रा में है। बायीं तरफ के ऊपर वाले हाथ में लोहे का कांटा और नीचे वाले हाथ में खड्ग है। इतना भयानक रूप बावजूद मां कालरात्रि की आराधना भक्तों को पूर्ण शांतिमय जीवन प्रदान करती है। इसी वजह से इन्हें शुभंकारी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इनकी आराधना से भक्तों को अग्नि, जल, जानवरों और प्रेतों के डर से मुक्ति मिल जाती है।  देवी कालरात्रि के स्वरूप का वर्णन इस प्रकार किया जाता है।


एकवेणि जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता
लंबोष्ठी कर्णिका कर्णी तैलाभ्याक्त शरीरिणी
वाम पादोल्ल सल्लोहलता कंटक भूषणा
वर्धन मूर्ध ध्वजा कृष्णा कालरात्रि र्भयंकरी।

इनकी पूजा के बाद देवाधिदेव शिव और ब्रह्मा की भी पूजा की जाती है। मां कालरात्रि को महामाया, महामारी, महाकाली, सुधा, त्रिशा, निद्रा, तृष्णा, एकवीरा और द्रुतयाया के नाम से भी जाना जाता है। इनकी आराधना में उपासक कालरात्रि कवच, कालरात्रि स्तोत्र और इनको समर्पित मंत्रों का भी जाप करते हैं।

मां कालरात्रि का ध्यान मंत्र है :

कराला रूपा कालाबजा समानाकृति विग्रह
कालरात्रि शुभ: दाधार्थ: देवी चंदत्ता हासिनी।

मुल मंत्र

ऊं ऐं हृं क्लीं चामुंडायै विच्चै।

इनके आशीर्वाद से भक्तों को समस्त प्रेत बाधाओं और भय से मुक्ति मिलती है। ऐसा बताते हैं कि काल इनके नियंत्रण मे रहता हैं और यह जब चाहे काल से कोई भी काम करा सकती हैं। माँ कालरात्रि प्रसन्न होने पर असम्भव को भी सम्भव कर देती हैं। नवग्रह की पीडा से भी मुक्ति दिलाती हैं साथ ही धन धान्य देती हैं। इनका भयकर सवरुप केवल दुष्टो के लिए है। यह स्वयं बुद्धि की देवी हैं। क्योकि काली माँ सरस्वती का ही एक अन्य रुप हैं। 


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