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सर्दी आयी बीमारियो संग


तापमान में धीरे-धीरे परिवर्तन हो रहा है और गर्मी व बारिश के बाद मौसम ठंडा हो रहा है। मौसम की ठंडक का असर गले पर साफ दिखाई देता है। लिहाजा गले की खराश, टॉन्सिल का बढ़ना, सर्दी-जुकाम आदि समस्याएं बढ़ जाती हैं। अब इन छोटी-छोटी समस्याओं को चिकित्सक ठीक तो कर देते हैं, पर इनका घरेलू इलाज सबसे अच्छा माना जाता है। विशेषकर गले में खराश की समस्या ज्यादा परेशानी देती है। इसके लिए तरल पदार्थो की मात्रा अधिक लेना सही रहेगा। साथ ही गले में तनाव व ज्यादा जोर से बोलने की आदत से भी बचने का प्रयास करें, तो गले में खराश की समस्या से परेशानी नहीं बढ़ेगी। वैसे एक ग्लास गुनगुने पानी में थोड़ा-सा नमक डालकर गरारे करने से भी खराश की समस्या खत्म हो जाएगी। अगर गरारे करने वाले पानी में थोड़ी-सी मेहंदी की पत्तियां डाल दी जाएं, तो यह गले के लिए एंटीबायोटिक दवा का काम करती है। यदि आधा चम्मच बेकिंग सोडा और आधा चम्मच नमक को एक ग्लास गुनगुने पानी में डालकर उससे गरारा किया जाए, तो अधिक लाभ होता है। अदरक की थोड़ी-सी मात्रा एक ग्लास गुनगुने पानी में पांच-दस मिनट तक डालकर उस पानी को पिया जाए, तो गले की तकलीफ से राहत मिलती है। दो छोटे चम्मच तिल का तेल और एक चम्मच शहद को मिलाकर एक दिन में तीन बार लें। इससे आपको गले की खराश सहित दूसरी परेशानियों से भी राहत मिलेगी। इसके अलावा लहसुन का रोजाना प्रयोग भी गले और मुंह संबंधी परेशानियों से बचाता है। बीपी वाले को ज्यादा अदरक का सेवन नही करना चाहिए।

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